अयोगवाह क्या है | Ayogwah kise kahate hain | 2021

नमस्ते दोस्तों, एक बार फिर स्वागत है आपका the eNotes के एक नए आर्टिकल में, इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे कि अयोगवाह क्या है | ayogwah kise kahate hain इस पोस्ट से पहले हम स्वर और व्यंजन के बारे में पढ़ चुके हैं।

अयोगवाह क्या है
अयोगवाह क्या है

अयोगवाह क्या है | Ayogwah kise kahate hain

वे वर्ण जिनकी गिनती न तो स्वरों में होती है और न व्यंजनों में, अयोगवाह कहलाते हैं। ये हैं-अं, अँ और अः। इन्हें क्रमशः अनुस्वार, अनुनासिक और विसर्ग कहा जाता है।

अयोगवाह के भेद

अनुस्वार, अनुनासिक और विसर्ग हिन्दी व्याकरण में ३ अयोगवाह हैं-

अनुस्वार क्या है (‘) –

जब किसी स्वर के उच्चारण में वायु केवल नाक से निकलती है और उच्चारण झटके के साथ होता है, तब उसे बिन्दु के द्वारा प्रकट करते हैं। इस बिन्दु को (‘) अनुस्वार कहते हैं। अनुस्वार का प्रयोग सभी वर्गों के पंचम वर्ग (ङ्, ञ, ण्, न्, म्) के स्थान पर होता है; जैसे-डंक, कंचन, ठंडा, अंतर, चंपत आदि।

अनुनासिक ( ँ) –

जब किसी स्वर का उच्चारण करते समय कुछ वायु नाक से निकल जाए और कुछ मुँह से, तो वह स्वर अनुनासिक होता है। अनुनासिकता को दिखाने के लिए चंद्रबिन्दु ( ँ) का प्रयोग होता है; जैसे-हँसी, कुँवर, माँ, गाँव, काँपना, साँप आदि।

विशेष-यदि व्यंजन पर पहले से कोई मात्रा लगी हुई है तो वहाँ चन्द्रबिन्दु न लगाकर केवल (‘) लगा देते हैं; = जैसे-सेंवई, ओंठ, ईंट, गोंद आदि ।

विसर्ग किसे कहते हैं (:) –

संस्कृत भाषा से हिन्दी में आए कुछ शब्दों के साथ विसर्ग का प्रयोग होता है; जैसे-प्रातः, पुनः, अतः आदि। इनका उच्चारण आधे ‘ह’ की तरह होता है।

आपने क्या सिखा?

इस आर्टिकल में आपने जाना की अयोगवाह क्या है। Ayogwah kise kahate hain. हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपको आवश्य समझ आई होगी। इसी तरह के और आर्टिकल के अपडेट पाने के लिए हमारे WhatsApp Broadcast Group से जुड़े।

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