प्रत्यय किसे कहते हैं? प्रत्यय की परिभाषा और 40+ उदाहरण

प्रिय पाठक! स्वागत है आपका the eNotes के एक नये आर्टिकल में, इस आर्टिकल में हम प्रत्यय के बारे में पढेंगे और जानेंगे कि प्रत्यय किसे कहते हैं और प्रत्यय कितने प्रकार के होते हैं? साथ ही इसके कुछ उदाहरण भी देखेंगे। इससे पहले हमने उपसर्ग के बारे में पढ़ा था। तो आइये विस्तार से जानते हैं कि, प्रत्यय किसे कहते हैं?

प्रत्यय किसे कहते हैं?

प्रत्यय शब्द ‘प्रति’ और ‘अय’ शब्द से मिलकर बना हैं, जिसमे ‘प्रति’ शब्द का अर्थ (साथ में लेकिन बाद में) तथा ‘अय’ शब्द का अर्थ पीछे चलना है। अर्थात जो शब्दांश शब्दों के अंत में जुडकर उनके अर्थ में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैं, प्रत्यय कहलाते हैं।

प्रत्यय किसे कहते हैं
प्रत्यय किसे कहते हैं

प्रत्यय की परिभाषा-

“वे अविकारी शब्दांश जो शब्दों के अंत में जुड़कर उनमें विशेषता या परिवर्तन लाते हैं, प्रत्यय कहलाते हैं। प्रत्यय को परसर्ग भी कहा जाता है।”

उदाहरण-आइन (पण्डित + आइन = पण्डिताइन) ‘आइन’ शब्द का कोई ख़ास अर्थ नहीं होता है, लेकिन जब यही शब्द पण्डित शब्द के पीछे लगता है तो पण्डित शब्द का अर्थ बदल देता है। तो यहाँ ‘आइन’ शब्द प्रत्यय है।

Note: प्रत्यय का अपना कोई अर्थ नहीं होता है और न ही इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जाता है।

प्रत्यय किसे कहते हैं

प्रत्यय के प्रकार-Type of Suffix

प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं। – कृत् प्रत्यय और तध्दित प्रत्यय

कृत् प्रत्यय किसे कहते हैं?

जो प्रत्यय क्रिया के मूल रूप के अंत में जुडकर संज्ञा या विशेषण शब्द की रचना करते हैं, कृत् प्रत्यय कहलाते हैं। जैसे-

  • पाठ + क = पाठक
  • घट् + अना = घटना

उपर्युक्त उदाहरण में ‘पाठ’ मूल शब्द है, जिसके मूल रूप के अंत में ‘क’ (प्रत्यय) जुड़ने के बाद बना नया शब्द पाठक संज्ञा शब्द है, अतः यहाँ ‘क’ कृत् प्रत्यय है।

तध्दित प्रत्यय किसे कहते हैं?

जब संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण आदि शब्दों के अंत में कोई प्रत्यय जुड़कर नये शब्द की रचना करते हैं, तो उन्हें तध्दित प्रत्यय कहते हैं। जैसे-

  • पण्डित + आई = पंडिताई
  • पंच + आयात = पंचायत

उपर्युक्त उदाहरण में ‘पण्डित’ संज्ञा शब्द है, जिसके अंत में ‘आई’ प्रत्यय जुड़ने से नया शब्द पंडिताई की निर्माण हुआ है। अतः यहाँ ‘आई’ तध्दित प्रत्यय है।

कुछ प्रमुख प्रत्यय और उसके उदाहरण

प्रत्ययनवीन शब्द
अकलेखक, पाठक, गायक
अननयन, सहन, पालन, चरण
आईलिखाई, पढाई, मिठाई
त्वकवित्व, प्रभुत्व, घनत्व, साधुत्व, ममत्व, देवत्व, लघुत्व
भूखा, सूखा, पूजा, भागा, दौड़ा, पकड़ा
अनाघटना, तुलना, वंदना`
ताएकता, घनिष्ठता, मधुरता, जटिलता, महानता, सुंदरता
वादिखावा, चढ़ावा, पहनावा, बुलावा, पछतावा
अनीयमाननीय, पूजनीय, दर्शनीय, रमणीय
आनउड़ान, दौड़ान, मिलन
पनभोलापन, बचपन, पागलपन, कालापन, ढीलापन, मैलापन
हटकड़वाहट, घबराहट, चिल्लाहट, जगमगाहट, आहट, सरसराहट
हरि, माली, गिरी, दाशरथि
तेखाते, पिते, जाते
तिभक्ति, शक्ति, प्रीति, अति
ताआता, जाता, बहता, मरता, गाता
उकइच्छुक, भिक्षुक
हँसी, बोली, रेती, त्यागी
इयलमरियल, सडियल, अड़ियल
इत्रपवित्र, चरित्र, खनित्र
इतपठित, व्यस्थित, फ़लित, पुष्पित
इयाबढ़िया, घटिया, जडिया, छलिया
त्रसर्वत्र, अस्त्र, वस्त्र, अन्यत्र
वंदन, बेलन, लेंन, मंदन
नापढना, लिखना, बोलना, गाना, नाचना
धाम, दाम
हारहोनहार, रखनहार
गद्य, पद्य, पांडित्य, कृत्य
याविद्या, दिव्या, मृगया
वैयाखवैया
ऐयागवैया, बचैया, रखैया
वालादिलवाला, आनेवाला, पढनेवाला
रुगेरू
वीमेधावी, मायावी, तपस्वी

लेख के बारे में –

इस आर्टिकल में आपने जाना कि प्रत्यय किसे कहते हैं और प्रत्यय कितने प्रकार के होते हैं? साथ ही आपने 100+ उदाहरण पढ़ा और Quiz भी खेला, हमें उम्मीद है कि आपको प्रत्यय आवश्य समझ आया होगा। अगर समझने में कोई समस्या आ रही हो तो आप विडियो देख सकते हैं।

the eNotes रिसर्च के बाद जानकारी उपलब्ध कराता है, इस बीच पोस्ट पब्लिश करने में अगर कोई पॉइंट छुट गया हो, स्पेल्लिंग मिस्टेक हो, या फिर आप-आप कोई अन्य प्रश्न का उत्तर ढूढ़ रहें है तो उसे कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएँ अथवा हमें [email protected] पर मेल करें। हिन्दी व्याकरण से जुड़े अन्य आर्टिकल पढने के लिए the eNotes को टेलीग्राम पर फॉलो करें।

Leave a Comment