सर्वनाम किसे कहते हैं | सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?

सर्वनाम का नाम आपने आवश्य सुना होगा, इसे शब्द भेद (Parts of Speech) के अन्दर पढ़ा जाता है, शब्द भेद में संज्ञा के बाद सर्वनाम ही पढ़ा जाता है, तो आज हम पढेंगे कि सर्वनाम किसे कहते हैं और सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?

सर्वनाम किसे कहते हैं

सर्वनाम किसे कहते हैं

सर्वनाम का शाब्दिक अर्थ है-सबका नाम। अर्थात किसी संज्ञा के बारे में बोलने या बुलाने के लिए संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे-हम, तुम, मैं आदि।

जब हम किसी संज्ञा के बारे में लिखते या बोलते समय संज्ञा की पुनरुक्ति करते हैं, तो वाक्यांश लिखने या बोलने में भद्दा लगता है, इसलिए संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है, ताकि पुनरुक्ति से बचा जा सके और वाक्य शुद्ध और सटिक हो। जैसे-

  • राम एक अच्छा लड़का है। – राम एक अच्छा लड़का है।
  • राम प्रतिदिन स्नान करता है। – वह प्रतिदिन स्नान करता है।
  • राम को मंदिर जाना पसंद है। – उसे मंदिर जाना पसंद है।
  • राम के पिताजी भी उसके साथ जाते हैं। – उसके पिताजी भी उसके साथ जाते हैं।

उपर्युक्त उदाहरण में राम के स्थान पर वह, उसे, उसके आदि शाब्दो का प्रयोग किया गया है, जिससे राम की पुनरावृत्ति भी नहीं हुई है और वाक्यांश का सुद्ध अर्थ निकला है।


सर्वनाम के कितने भेद होते हैं

सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?

हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के छः भेद होते हैं, जो निम्नलिखित हैं-

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  4. सम्बन्धवाचक सर्वनाम
  5. प्रश्नवाचक सर्वनाम
  6. निजवाचक सर्वनाम

1. पुरुषवाचक सर्वनाम-

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता द्वारा ख़ुद के लिए या दुसरो के लिए किया जाता है, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।  यह तीन प्रकार के होते हैं।

उत्तम पुरुष-मैं, हम, मैंने, हमने, मेरा, हमारा, मुझे, मुझको

मध्यम पुरुष-तू, तुम, तुमने, तुझे। तूने, तुम्हें, तुमको। तुमसे, आपने, आपको

अन्य पुरुष-वह, यह, वे, ये। इन, उन, उनको, उनसे, इन्हें, उन्हें, इससे, उसको

2. निश्चयवाचक सर्वनाम

जिन शब्दों से निकट या दूर के व्यक्तियों या वस्तुओं का निश्चयात्मक संकेत व्यक्त होता है, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-यह, वह, ये, वे

  • यह मेरा घर है।
  • वह राम की पस्तक है।
  • ये मेरे खिलौनें हैं।
  • वे बकरियाँ हैं।

3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम

जिन सर्वनाम शब्द से किसी निश्चित वस्तु का बोध नहीं होता है, उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-कोई, कुछ आदि

  • कुछ लोग आये हुए थे।
  • कोई भी नहीं आएगा।

4. सम्बन्धवाचक सर्वनाम

जिस सर्वनाम से किसी दूसरे सर्वनाम से सम्बंध स्थापित किया जाय, उसे सम्बंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे –जैसा-वैसा, जो-सो

  • जैसे-जैसे लोग आते गए,  वैसे-वैसे भीड़ बढती गयी।
  • जो आया है, सो जायेगा यह ध्रुव सत्य है।

5. प्रश्नवाचक सर्वनाम

प्रश्न करने के लिए प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम शब्दों को प्रश्नवाचक सर्वनाम कहा जाता है। जैसे-कौन, क्या, कब, कहाँ

  • रसोड़े में कौन था?
  • क्या आज मंगलवार है?
  • अगली छुट्टी कब होगी?
  • इस बार तुम घुमने के लिए कहाँ जाओगे?

6. निजवाचक सर्वनाम

‘स्वयं’ अर्थात ‘खुद’ के लिए प्रयुक्त होने वाले सर्वनाम निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। जैसे-स्वयं, आप, स्वतः

  • यह कार्य मैं स्वयं कर लूँगा।
  • मै अपने आप चला जाऊंगा।


लेख के बारे में-

  • इस आर्टिकल में हमने जाना की सर्वनाम किसे कहते हैं? इसके अलावां हमने सर्वनाम के कितने भेद होते हैं के बारे में जाना।
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