सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं | Software Kise Kahate hain

प्रिय पाठक! स्वागत है आपका the eNotes के एक नए आर्टिकल में, इस आर्टिकल में हम पढेंगे कि सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं साथ ही हम सॉफ्टवेयर के प्रकार भी पढेंगे। इससे पहले हमने कंप्यूटर का परिचय और इनपुट डिवाइस के बारे में पढ़ चुके हैं। तो चलिए विस्तार से जानते हैं कि सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं-

सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं
सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं

सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं  – Software Kise Kahate hain

सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए निर्देशों की क्रमबद्ध शृंखला होती है, जो कम्प्यूटर सिस्टम के कार्यों को नियन्त्रित करता है तथा कम्प्यूटर के विभिन्न हार्डवेयरों के बीच समन्वय स्थापित करता है, जिससे किसी विशेष कार्य को पूरा किया जा सके।

इसका प्राथमिक उद्देश्य डाटा को सूचना में परिवर्तित करना है। सॉफ्टवेयर के निर्देशों के अनुसार ही हार्डवेयर कार्य करता है।  इसके अलावां सॉफ्टवेयर की एक और परिभाषा प्रसिद्ध  है, कंप्यूटर के जिस भाग को देख सकते हैं, लेकिन छू नहीं सकते, सॉफ्टवेयर कहलाते हैं।

सॉफ्टवेयर के प्रकार – Type of Software

कार्यों तथा संरचना के आधार पर सॉफ्टवेयर को मुख्य 3 भागो में बाटा गया है।

  1. सिस्टम सॉफ्टवेयर
  2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
  3. यूटिलिटी सॉफ्टवेयर

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सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)

ये सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर के हार्डवेयर को नियन्त्रित करने, उसके विभिन्न भागों की देखभाल करने तथा उसकी सभी क्षमताओं का अच्छे से उपयोग करने के लिए बनाए जाते हैं, कम्प्यूटर से हमारा संवाद सिस्टम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही हो पाता है।

दूसरे शब्दों में, कम्प्यूटर हमेशा सिस्टम सॉफ्टवेयर के नियन्त्रण में ही रहता है, जिसके कारण हम सीधे कम्प्यूटर से अपना सम्पर्क नहीं बना सकते।

सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं - सिस्टम सॉफ्टवेयर
सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं – सिस्टम सॉफ्टवेयर

सिस्टम सॉफ्टवेयर में वे प्रोग्राम शामिल होते हैं, जो कम्प्यूटर सिस्टम को नियन्त्रित (Control) करते हैं और उसके विभिन्न भागों के बीच उचित समन्वय बनाकर कार्य कराते हैं। सिस्टम सॉफ्टवेयर के उदाहरण निम्नलिखित है-

(i) ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) – ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ विशेष प्रोग्रामों का ऐसा व्यवस्थित समूह है, जो किसी कम्प्यूटर के सम्पूर्ण क्रियाकलापों को नियन्त्रित करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक होने पर अन्य प्रोग्रामों को रन करता है, विशेष सेवाएँ वाले प्रोग्रामों का मशीनी भाषा में अनुवाद (Translate) करता है और उपयोगकर्ताओं की इच्छा के अनुसार आउटपुट देने के लिए डाटा का प्रबन्धन करता है। उदाहरण-MS-DOS, विण्डोज XP / 2000 / 98, यूनिक्स, लाइनक्स इत्यादि ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ उदाहरण हैं।

(ii) डिवाइस ड्राइवर (Device Driver) – ये छोटे तथा विशेष उद्देश्य वाले सॉफ्टवेयर होते हैं, जो किसी डिवाइस के प्रचालन (Operation) को समझाते हैं। ये सॉफ्टवेयर किसी डिवाइस तथा उपयोगकर्ता के मध्य इण्टरफेस (Interface) का कार्य करते हैं। किसी भी डिवाइस को सुचारू रूप से चलाने के लिए चाहे वह प्रिण्टर, माउस, मॉनीटर या कीबोर्ड ही हो, उसके साथ एक ड्राइवर प्रोग्राम जुड़ा होता है। डिवाइस ड्राइवर्स निर्देशों का ऐसा समूह होता है, जो हमारे कम्प्यूटर का परिचय उससे जुड़ने वाले हार्डवेयरों से करवाते हैं।

(iii) भाषा अनुवादक (Language Translator) – ये ऐसे प्रोग्राम हैं, जो विभिन्न प्रोग्रामिंग भाषाओं में लिखे गए प्रोग्रामों का अनुवाद कम्प्यूटर की मशीनी भाषा (Machine Language) में करते हैं। यह अनुवाद कराना इसलिए आवश्यक होता है, क्योंकि कम्प्यूटर केवल अपनी मशीनी भाषा में लिखे प्रोग्राम का ही पालन करता है।

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एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर उन प्रोग्रामों को कहा जाता है, जो हमारा वास्तविक कार्य कराने के लिए बनाए जाते हैं; जैसे—कार्यालय के कर्मचारियों के वेतन की गणना करना, सभी लेन-देन तथा खातों का हिसाब-किताब रखना, विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट प्रिण्ट करना, स्टॉक की स्थिति का विवरण देना, पत्र-डॉक्यूमेण्ट तैयार करना इत्यादि।

सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं - एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं – एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर किसी एक निश्चित कार्य के लिए बनाये जाते हैं, हालाँकि आजकल ऐसे प्रोग्राम सामान्य तौर पर सबके लिए एक जैसे लिखे हुए भी आते हैं, जिन्हें रेडीमेड सॉफ्टवेयर (Readymade Software) या पैकेज (Package) कहा जाता है; जैसे-एमएस-वर्ड, एमएस-एक्सेल, टैली, कोरल ड्रॉ, पेजमेकर, फोटोशॉप आदि।  सामान्यतः एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर दो प्रकार के होते हैं

(i) सामान्य उद्देशीय सॉफ्टवेयर (General Purpose Software) –प्रोग्रामों का वह समूह, जिन्हें उपयोगकर्ता अपनी आवश्यकतानुसार अपने सामान्य उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उपयोग में लाते हैं, सामान्य उद्देशीय सॉफ्टवेयर कहलाते हैं। सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले सामान्य उद्देशीय सॉफ्टवेयर निम्न हैं

  • वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर (Word Processing Software)
  • इलेक्ट्रॉनिक स्प्रैडशीट्स (Electronic Spreadsheets)
  • प्रेजेण्टेशन सॉफ्टवेयर (Presentation Software)
  • डाटाबेस मैनेजमेण्ट सिस्टम (Database Management System)

(ii) विशिष्ट उद्देशीय सॉफ्टवेयर (Specific Purpose Software) –ये सॉफ्टवेयर किसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु बनाए जाते हैं। इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का अधिकांशतः केवल एक उद्देश्य होता है। सामान्य रूप से उपयोग किए जाने वाले कुछ विशिष्ट उद्देशीय सॉफ्टवेयर निम्न हैं

  • इन्वैण्ट्री मैनेजमेण्ट सिस्टम एण्ड परचेजिंग सिस्टम (Inventory Management System and Purchasing System)
  • पेरोल मैनेजमेण्ट सिस्टम (Payroll Management System)
  • होटल मैनेजमेण्ट सिस्टमं (Hotel Management System)

यूटिलिटी सॉफ्टवेयर (Utility Software)

ये प्रोग्राम कम्प्यूटर के रख-रखाव से सम्बन्धित कार्य करते हैं। ये प्रोग्राम्स कम्प्यूटर के कार्यों को सरल बनाने, उसे अशुद्धियों से दूर रखने तथा सिस्टम के विभिन्न सुरक्षा कार्यों के लिए बनाए जाते हैं। यूटिलिटी प्रोग्राम कई ऐसे कार्य करते हैं, जो कम्प्यूटर का उपयोग करते समय हमें कराने होते हैं।

उदाहरण के लिए, कोई यूटिलिटी प्रोग्राम हमारी फाइलों का बैकअप किसी बाहरी स्टोरेज माध्यम पर ले जाने का कार्य कर सकता है। कुछ यूटिलिटी सॉफ्टवेयर निम्न हैं

डिस्क कम्प्रेशन (Disc Compression) –ये हार्ड डिस्क पर उपस्थित सूचना पर दबाव डालकर उसे संकुचित (Compressed) कर देता है, जिससे हार्ड डिस्क पर अधिक-से-अधिक सूचना स्टोर की जा सके।

डिस्क फ्रेग्मेण्टर (Disc Fragmenter) –यह कम्प्यूटर की हार्ड डिस्क पर विभिन्न जगहों पर बिखरी हुई फाइलों को सर्च करके उन्हें एक स्थान प लाता है। इसका प्रयोग फाइलों तथा हार्ड डिस्क की खाली पड़ी जगह को व्यवस्थित करने में होता है।

बैकअप यूटिलिटीज (Backup Utilities) – यह कम्प्यूटर की डिस्क पर उपस्थित सभी सूचना की एक कॉपी रखता है तथा आवश्यकता होने पर कुछ आवश्यक फाइलें या पूरी हार्ड डिस्क के कण्टेण्ट वापस रिस्टोर (Restore) कर देता है।

डिस्क क्लीनर्स (Disc Cleaners) – ये उन फाइलों को ढूँढकर डिलीट (Delete) करता है, जिनका बहुत समय से उपयोग नहीं हुआ है। इस प्रकार यह कम्प्यूटर की गति को भी तेज करता है।

एण्टीवायरस (Antivirus) – ये ऐसे यूटिलिटी प्रोग्राम्स हैं, जिनका प्रयोग कम्प्यूटर के वायरस ढूँढने और उन्हें डिलीट करने में होता है। जैसे—Norton, Quick heal इत्यादि

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लेख के बारे में– आज के इस आर्टिकल में आपने पढ़ा की सॉफ्टवेयर किसे कहते हैं | Software Kise Kahate hain हमें उम्मीद है कि आपको यह जरुर समझ आया होगा कि Software Kise Kahate hain, कंप्यूटर से रिलेटेड आर्टिकल पढ़ते रहने के लिए हमें 6392548568 पर WhatsApp मेसेज करें और हमे सोशल मीडिया पर फॉलो करें।

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