हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी – Hey Hans Vahini Gyan Dayini

School Prayer की सीरीज में आज हम हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी – Hey Hans Vahini Gyan Dayini पढेंगे। इससे पहले हम वीणा वादिनी वर दे पढ़ चुके है।

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी – सरस्वती वंदना

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥
जग सिरमौर बनाएँ भारत,
वह बल विक्रम दे। वह बल विक्रम दे॥
हे हंसवाहिनी…..
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥
साहस शील हृदय में भर दे,
जीवन त्याग-तपोमर कर दे,
संयम सत्य स्नेह का वर दे,
स्वाभिमान भर दे। स्वाभिमान भर दे॥१॥
हे हंसवाहिनी ….
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥
लव-कुश, ध्रुव, प्रहलाद बनें हम
मानवता का त्रास हरें हम,
सीता, सावित्री, दुर्गा मां,
फिर घर-घर भर दे। फिर घर-घर भर दे॥२॥
हे हंसवाहिनी……
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

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हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी

लेख के बारे में –

इस आर्टिकल में आपने हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी – Hey Hans Vahini Gyan Dayini (स्कूल प्रार्थना) पढ़ा है। हमे उम्मीद है की यह सरस्वती-वंदना आपको जरुर पसंद आया होगा। मोर्निंग प्रेयर की सीरिज में इस ब्लॉग पर बहुत से आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं।

 

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