संज्ञा किसे कहते हैं, और इसके कितने भेद होते हैं?

संज्ञा किसे कहते हैं?

संज्ञा (Noun) – किसी प्राणी, वस्तु, स्थान, गुण व भाव के नाम को बोध कराने वाले शब्द को संज्ञा कहते हैं। अगर आपसे कोई पूछे की संज्ञा किसे कहते हैं? तो आप यह भी बता सकते हैं कि,

“संसार की जो भी रचनाएँ हैं, जैसे-प्राणी, गुण, धर्म, वस्तु, स्थान आदि, उनका कुछ-न-कुछ नाम दिया गया है, उन्ही नामों से इनकी पहचान होती है और हिन्दी व्याकरण में इन्हीं नामों को संज्ञा कहते हैं।” जैसे-

  • प्राणी-दीपक घोड़े पर जा रहा है। (दीपक, घोडा)
  • गुण-किसान मेहनती होते हैं। (मेहनती)
  • धर्म-भारत में सभी धर्मो (हिन्दू, मुस्लिम सिक्ख, इसाई) के लोग रहेते हैं
  • वस्तु-दीपक पेन से लिख रहा है (पेन)
  • स्थान- ताजमहल आगरा में है। (आगरा)

संज्ञा के कितने भेद होते हैं?

हिन्दी व्याकरण में संज्ञा के 5 भेद होते हैं।

  • व्यक्तिवाचक संज्ञा
  • जातिवाचक संज्ञा
  • भाववाचक संज्ञा
  • समूहवाचक संज्ञा
  • भाववाचक संज्ञा

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)

जिस शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, स्थान अथवा वस्तु का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-महात्मा गाँधी, प्रयागराज, लाल क़िला आदि
(उपर्युक्त उदाहरण महात्मा गाँधी, प्रयागराज और लाल क़िला से स्पष्ट हो रहा है कि यह किसी एक विशेष व्यक्ति और स्थान के बारे में बताया जा रहा है। व्यक्तिवाचक संज्ञा एकवचन होते हैं, इसे बहुवचन में बदलने पर यह जातिवाचक संज्ञा हो जाता है।)
Note: व्यक्तियों, नदियों, झीलों, सगरो, पहाणों, नगरों, गावों, देशों, महीनों आदि के नाम व्यक्तिवाचक संज्ञा होते हैं।

2. जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)

जिन संज्ञा शब्दों से किसी जाती का बोध होता है, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-पुरुष, गावं, ईमारत आदि
(उपर्युक्त उदाहरण,  पुरुष, गावं, ईमारत से स्पष्ट होता है कि किसी जाती के बारे में बताया जा रहा है, जैसे पुरुष शब्द किसी एक विशेष के लिए नहीं है, इस शब्द से सभी पुरुष वर्गो को सम्बोधित किया जा सकता है, इसी तरह गाव शब्द का प्रयोग किसी विशेष गाव से नहीं है,   और ईमारत शब्द से भी यह पता चलता है कि किसी एक विशेष इमारत की बात नहीं हो रही है, इसके अन्दर कई इमारते आ सकती हैं।)

3. भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)

जिन संज्ञा शब्दों से किसी प्राणी अथवा पदार्थ के गुण-दोष, या भाव का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे-बचपन, ईमानदार, हंसी, मोटापा, सुन्दरता आदि
(उपर्युक्त उदाहरण में यह सपष्ट दिख रहा है कि इसमें किसी के गुण-दोष अथवा भाव को दिखाया गया है)
नोट:  भाववाचक संज्ञा को छुआ या देखा नहीं जा सकता है।

4. समूहवाचक संज्ञा  (Collective Noun)

जिन शब्दों से प्राणियों अथवा वस्तुओं के समूहों का बोध हो, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे छात्र, गुच्छा, भीड़, दल, परिवार आदि।
(उपर्युक्त उदाहरण में समूहवाचक शब्द हैं, जिन्हें किसी समूह को सम्बोधित करने में प्रयोग किया जाता है, जैसे छात्र शब्द से किसी एक विशेष लड़के की बात नहीं हो रही है, इस शब्द से सभी छात्रों को सम्बोधित किया जा रहा है।)
समूहवाचक संज्ञाएँ दोनों वचनों में होती हैं।
वह अपने परिवार के साथ खुश रहता है। (एकवचन)
मेरे मोहल्ले के सभी परिवारों ने मिल-जुलकर दिवाली मनाई} (बहुवचन)

5. पदार्थवाचक संज्ञा (Material Noun)

जिन शब्दों से किसी धातु या पदार्थ का बोध हो, उन्हें पदार्थवाचक शब्द कहते हैं। जैसे-सोना, चांदी, लोहा, मिटटी आदि
(उपर्युक्त उदाहरण में सोना और चांदी पदार्थ हैं, तो इससे पता चलता है कि यह पदार्थवाचक संज्ञा कहते हैं।)
Note:- पदार्थवाचक संज्ञाओं का प्रयोग बहुवचन में नहीं किया जाता है और न ही इन्हें गिना जा सकता है, इन्हें केवल नापा और तौला जा सकता है।

अन्य जानकरी

इस आर्टिकल में हमने जाना की संज्ञा किसे कहते है? और ये कितने प्रकार के होते हैं? इसके अलावा अगर आप हिंदी व्याकरण से जुडी और भी आर्टिकल चाहते हैं तो हमे फेसबुक पर फॉलो करें या हमे 9151210531 पर Whatsapp करें |

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