राज्यों का एकीकरण | Integration of Princely States

देशी राज्यों (रियासतों) का एकीकरण

आजादी के समय भारत 552 से अधिक देशी रियासत (राज्य) में टूटा हुआ था, अंग्रेजों ने इन्हें यह अधिकार दिया कि ये स्वतंत्र रह सकते हैं अर्थात भारत या पाकिस्तान जिसमें मर्जी हो मिल सकते हैं। तो इस तरह राज्यों का एकीकरण करना पड़ा।

इन रियासतों को भारत में मिलाने का कार्य सरदार पटेल, V.P. मेनन तथा माउंट बेटन ने किया। उन्होंने सभी राज्यों को भारत में विलय करा दिया, किंतु 3 राज्य विलय के लिए तैयार नहीं थे। जो निम्नलिखित हैं-

1. जम्मू-कश्मीर

आजाद भारत के समय यहाँ के राजा हरि सिंह तथा उनके प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला थे। यह स्वतंत्र देश बनाना चाहते थे, लेकिन इसी बीच पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीर में घुसपैठ होने लगी। जिसके बाद 26 अक्टूबर 1947 को हरि सिंह कश्मीर विलय पत्र पर हस्ताक्षर करके भारत देश में मिल गए।

2. जूनागढ़

यह गुजरात प्रांत का एक रियासत था, जो पाकिस्तान में मिलना चाहता था, किंतु सरदार पटेल ने जनमत संग्रह करा कर उसे भारत में मिला लिया।

3. हैदराबाद

हैदराबाद के निजाम हैदराबाद को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे। किंतु सरदार पटेल ने पुलिस की वर्दी में सेना भेजा, जिसे ऑपरेशन पोलो कहा गया। इसी के तहत हैदराबाद को भारत में मिला लिया गया।


राज्यों का एकीकरण के लिए गठित आयोग

S.K. Dhar आयोग

इन सभी देसी रियासतों को मिलाकर भारत का निर्माण किया गया, इस भारत को चार राज्यों A, B, C, D में बांटा गया | भाषाई आधार पर राज्यों का गठन करने के लिए 1949 में S.K. Dhar आयोग का गठन किया गया। किंतु इसने भाषाई के आधार पर राज्यों का गठन का विरोध किया।

आंध्र प्रदेश का राज्य बनना

तेलुगु भाषा के लिए अलग राज्य की मांग करते हुए पोट्टी श्रीरामलू भूख हड़ताल पर बैठे थे। 56 दिन के भूख हड़ताल के बाद हिन्दी मृत्यु हो गई। फल स्वरुप जनता का विरोध बढ़ गया और नेहरु जी ने 10 अक्टूबर 1953 को मद्रास से तेलगु भाषी प्रदेश को अलग कर आंध्र प्रदेश का गठन किया गया। तो इस तरह आंध्र प्रदेश भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य बना।

फजल अली आयोग

भाषाई आधार पर राज्यों के गठन के लिए 1953 में फजल अली आयोग का गठन किया गया। इसने अपनी रिपोर्ट 1956 में दिया और भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन हुआ। इस आयोग के फल स्वरुप 7 वां संविधान संशोधन 1956 में पारित हुआ। इसके बाद A, B, C, D को रद्द करके भाषाई आधार पर 14 राज्य तथा 6 केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए।

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