हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी – सरस्वती वंदना | He Hans Vahini

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी

हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी – सरस्वती वंदना

School Prayer की सीरीज में इससे से पहले इस ब्लॉग पर वीणा वादिनी वर दे और इतनी शक्ति हमें देना दाता पब्लिश हो चूका है | आज हम हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी – He Hans Vahini को पढेंगे |

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हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी – He Hans Vahini

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥
जग सिरमौर बनाएँ भारत,
वह बल विक्रम दे। वह बल विक्रम दे॥
हे हंसवाहिनी…..
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥
साहस शील हृदय में भर दे,
जीवन त्याग-तपोमर कर दे,
संयम सत्य स्नेह का वर दे,
स्वाभिमान भर दे। स्वाभिमान भर दे॥१॥
हे हंसवाहिनी ….
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥
लव-कुश, ध्रुव, प्रहलाद बनें हम
मानवता का त्रास हरें हम,
सीता, सावित्री, दुर्गा मां,
फिर घर-घर भर दे। फिर घर-घर भर दे॥२॥
हे हंसवाहिनी……
अम्ब विमल मति दे। अम्ब विमल मति दे॥

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लेख के बारे में –

इस आर्टिकल में हे हंसवाहिनी ज्ञानदायिनी – He Hans Vahini (स्कूल प्रार्थना) दिया गया है, मोर्निंग या स्कूल प्रेयर की सीरिज में बहुत से आर्टिकल पहले ही पब्लिश हो चुके हैं | इस लेख के बारे में अपना विचार जरुर कमेंट करें, और यदि आप the eNotes के ताजे अपडेट पढ़ना चाहते हैं तो हमें 9151210531 पर whatsapp मैसेज करें |

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